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#Sirmour : पुलिस कांस्टेबल बना दुगाना का शुभम उठाएगा, तीन छोटे भाईयों की पढ़ाई का दारोमदार

नाहन, 05 अगस्त : हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ट्रांसगिरी क्षेत्र के 27 साल का शुभम शर्मा पुलिस विभाग में कांस्टेबल बन गया है। शुभम की सफलता कई मायनों में लीक से हटकर है। दरअसल, तीन छोटे भाई हैं। पिता रतन शर्मा खेती-बाड़ी कर केवल घर का गुजर बसर ही कर पाते हैं। लिहाजा, शुभम पर ही जल्द से जल्द सरकारी नौकरी हासिल करने का दबाव था।

शुभम शर्मा

अब वो पल आ गए हैं, जब शुभम अपने तीन छोटे भाईयों की पढ़ाई का खर्च वहन कर पाएगा। शुभम की सफलता इस कारण भी असाधारण है, क्योंकि ओबीसी कैटेगरी में टाॅप किया है। यदि, 25 साल से कम उम्र का होता तो जरनल कैटेगरी में भी रैंक हासिल कर सकता था।

शारीरिक, लिखित व दस्तावेजों के मूल्यांकन में शुभम की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उसे  भर्ती प्रक्रिया में उम्र की छूट का लाभ लेना पड़ा। बी काॅम (B.Com) तक की पढ़ाई कर चुके शुभम का जीवन परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण मुश्किलों से भरा रहा है, लेकिन वो जानता था कि उसके जीवन के साथ तीन छोटे भाईयों के अलावा माता-पिता की जिम्मेदारी भी जुड़ी है।

अलाइड की भी प्रारंभिक परीक्षा को भी उत्तीर्ण करने में कामयाब रहा था। इसके अलावा 3-4 अन्य प्रतियोगितात्मक परीक्षाओं में सफलता पाई थी, लेकिन अंतिम चरण में किस्मत दगा दे गई थी। ऐसी परिस्थितियों में भी शुभम न तो विचलित हुआ और न ही संयम खोया। केवल अपने लक्ष्य पर ही केंद्रित रहा।

एमबीएम न्यूज नेटवर्क से बातचीत में शुभम ने कहा कि माता सीता देवी व पिता रतन सिंह शर्मा के आशीष से ये कामयाबी मिली है। उन्होंने कहा कि तीन छोटे भाइयों की परवरिश के अलावा पढ़ाई की जिम्मेदारी उठा पाएंगे। शुभम ने कहा कि कोचिंग के लिए भी आर्थिक मदद की दरकार थी। ऐसे में न्यू लक्ष्य अकादमी ने भरपूर मदद की।

उन्होंने कहा कि मार्गदर्शक के रूप में कपिल शर्मा व रामलाल शर्मा का योगदान रहा, जिनका वो दिल की गहराइयों से आभार प्रकट करते हैं।