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शुरू होने से पहले ही HRTC बस में मिली किराए की छूट, हिमाचल सरकार का “नारी को नमन” 

शिमला, 30 जून: हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी (HRTC) बसों में महिलाओं को किराए में 50 फीसदी छूट की बात घोषणा नहीं रह गई है, बल्कि जयराम सरकार ने वीरवार को इसे अमलीजामा पहना दिया है। दिलचस्प बात यह है कि धर्मशाला में “नारी को नमन” कार्यक्रम से पहले ही महिलाओं को इस सुविधा का लाभ सुबह से ही मिलना शुरू हो गया था।

मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय समारोह से लाभार्थी महिलाओं से वर्चुअल माध्यम से बात भी की। खास बात यह है कि लॉन्चिंग से पहले ही राज्य में सुविधा का आगाज हो चुका था। अमूमन सरकारी अमला लॉन्चिंग के बाद ही लाभार्थियों को लाभ देना शुरू करता है। 

     साफ़ जाहिर होता है कि 15 अप्रैल को घोषणा को लेकर सरकार इसे लागू करने में गंभीर थी। ट्रांसपोर्ट विभाग के सचिवालय द्वारा 7 जून को HRTC के प्रबंध निदेशक को यह सूचित किया गया था कि सरकार ने अंतिम मंजूरी दे दी है। महिलाओं को एक जुलाई 2022 से बसों के किराये में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी।  लेकिन इसे एक दिन पहले ही लागू कर दिया गया है।

सिरमौर की एक लाभार्थी युवती नेहा ठाकुर ने एमबीएम न्यूज़ नेटवर्क को बताया कि वो जामली से नाहन का सफर रोजाना एचआरटीसी की बस में करती है, सुबह जब टिकट लिया तो वह हैरान हो गई क्योंकि ₹30 की बजाय ₹16 का टिकट मिला था। नेहा ने ख़ुशी जताई। बता दे कि सरकार के निर्णय को 30 जून की रात 12 बजे से लागु कर दिया गया था।    

उधर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने धर्मशाला में राज्य स्तरीय ‘नारी को नमन’ (Nari Ko Naman) समारोह की अध्यक्षता करते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में मौजूदा न्यूनतम किराया 7 रुपये से घटा कर 5 रुपये करने और हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम की राइड विद प्राइड 

टैक्सियों (HRTC Ride With Pride Taxi) में महिला चालकों के 25 पद भरने की घोषणा की। उन्होंने हिमाचल पथ परिवहन निगम में मोटर मैकेनिक, इलैक्ट्रिशयन और अन्य श्रेणियों के 265 पद भरने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम को 30 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवाने का मामला वित्त विभाग के समक्ष लाया जाएगा।

 उन्होंने कहा कि महिलाओं को बस किराए में दी जाने वाली यह छूट राजनीतिक कदम नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की ओर हमारे संकल्प की दिशा में की गई सकारात्मक पहल है। जय राम ठाकुर ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में प्रतिदिन 1.25 लाख महिलाएं यात्रा करती हैं और इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश सरकार लगभग 60 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय करेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं हमारी कुल आबादी का 50 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक युवा विपक्षी विधायक ने इस ऐतिहासिक निर्णय के तुरन्त बाद फेसबुक लाइव में वर्तमान राज्य सरकार पर प्रदेश के लोगों को मुफ्तखोरी की आदत लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग ऐसे नेताओं को आगामी चुनावों में करारा जवाब देंगे।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने महिला यात्रियों को रियायती टिकट और पुष्प प्रदान किए और धर्मशाला बस अड्डे से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की महिला बस चालक सीमा ठाकुर को सम्मानित भी किया। उन्होंने अनुकंपा आधार के दो लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।

उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर बल दे रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 3500 अधिक युवाओं को परिवहन विभाग में रोजगार प्राप्त हुआ है। प्रबन्ध निदेशक, परिवहन संदीप कुमार ने इस अवसर पर धन्यवाद प्रस्ताव रखा। कुल मिलाकर जयराम सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओ को किराये में छूट के अलावा 125 यूनिट तक बिजली फ्री कर दो मास्टर स्ट्रोक खेले है।