HPPR
|

महिला प्रधान के पति ग्राम पंचायत के कार्यों में देते हैं दखल तो करें शिकायत : BDO शिलाई 

रोनहाट, 2 अगस्त : विकास खंड शिलाई की कुल 35 ग्राम पंचायतों में से 17 पंचायतों में महिलाएं  प्रधान पद पर आसीन हैं। मगर इनमें से अधिकांश ग्राम पंचायतों में महिला प्रधान के पति पंचायत की बैठकों से लेकर विकास खंड अधिकारी के कार्यालय तक परोक्ष व अपरोक्ष रूप से प्रधान के सभी कामों को करते हुए नजर आते हैं। ऐसे में शिलाई के बीडीओ ने सभी महिला प्रधानों को पंचायतों से संबंधित सभी गतिविधियों में उनके पतियों को दूर रखने की हिदायत दी है।

आपको बताते चलें की ग्राम पंचायत रास्त, डाहर, पनोग, अजरोली, कोटी-बौंच, हलाह, लोजा-मानल, शंखोली, बाली-कोटी, बादली, कांडों-भटनोल, कोटी-उत्तरऊ, क्यारी-गुंडाह, मिल्लाह, पाब-मानल, शिरी-क्यारी, शिलाई आदि ग्राम पंचायतों की कमान वर्तमान समय में महिलाओं के हाथ में है। मगर अधिकांश महिला प्रधान के पति द्वारा पंचायत के कामकाज में दखल दिया जाता है, ऐसी बातें भी सामने आती रही है। ऐसे में महिला प्रधान की जगह उनके पति द्वारा फर्जी हस्ताक्षर करने की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता है। 

शिलाई विकासखंड की ग्राम पंचायत बिंडला-दिगवा में भी हाल ही में एक ऐसा मामला पेश आया है। इसमें पंचायत प्रधान और उपप्रधान की जानकारी के बगैर और ग्राम पंचायत के कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज किए बिना ही बीडीओ कार्यालय में फर्जी प्रस्ताव तैयार करके वन विभाग की भूमि पर सड़क निर्माण के लिए डेढ़ लाख रुपये की धनराशि सरकार से मंजूर करवा ली गई है। लिहाजा मामले की शिकायत होने के बाद फिलहाल जांच बिठाई गई है।

उधर, शिलाई के बीडीओ अजय सूद ने जानकारी देते हुए बताया की सरकार के नियमों के अनुसार ग्राम पंचायत की सभी गतिविधियों से लेकर विकास खंड कार्यालय में काम करवाने तक महिला प्रधान के पति दखल नहीं दे सकते हैं। आपत्ति की सूरत में महिला प्रधान के पति पंचायत घर में भी दाखिल नहीं हो सकते हैं। अगर ग्राम पंचायत के किसी भी दस्तावेज पर महिला प्रधान के पति द्वारा फर्जी हस्ताक्षर किए जाते है तो 420 के तहत कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।