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कोकसर काज़ा मार्ग में फंसे 105 लोग सुरक्षित रेस्क्यू , मार्ग अभी भी बंद

कुल्लू, 01 अगस्त : NH-505 कोकसर-काज़ा मार्ग में फंसे 105 पर्यटकों व अन्य यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन ने सयुंक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। जिस कारण देर रात तक इस मार्ग में फंसे 105 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया है। लेकिन मार्ग अभी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है। 

जानकारी के अनुसार इस मार्ग में जगह – जगह भूस्खलन हुआ है और नालों में बाढ़ आने से सड़क को नुकसान हुआ है। एसपी मानव वर्मा ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान छतडू से 105 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया। जिसमें पर्यटक और अन्य लोग शामिल है, उन्होंने बताया कि पुलिस टीम और प्रशासन द्वारा संयुक्त बचाव अभियान चलाया था।

एसपी ने बताया कि 31 जुलाई को पुलिस चौकी कोकसर में सूचना मिली कि ग्राम्फू-काजा सड़क मार्ग जो बारिश के कारण डोरनी नाला में बाधित हुआ था जिस पर काजा जाने वाला यातायात सुरक्षित स्थल कोकसर में रोका गया व सड़क के निरीक्षण हेतु पुलिस चौकी कोकसर से एक निरीक्षण दल मुख्य आरक्षी अमरदीप के नेतृत्व में करीब 12:30 बजे दोपहर कोकसर से रवाना हुआ। इस दल में पुलिस के दो अन्य सदस्य आरक्षी जितेन्द्र व आरक्षी अनिल शामिल थे। 

रास्ते में पत्थर गिरे होने व सड़क यातायात हेतु पूर्णतः बन्द होने के कारण यह दल डोरनी नाला से वापिस लौट आया। शाम करीब 4:30 बजे शाम पुलिस चौकी कोकसर में सूचना मिली कि कुछ लोग सड़क के बाधित होने के कारण छतड़ू के पास फंसे हैं जहां पर यह लोग सुरक्षित हैं। इसके उपरान्त सूचना मिली कि छतड़ू के पास के नाले में भी अधिक प्रवाह में आए हैं व अब कुछ लोग छतड़ू से डोरनी के बीच फंसे हैं। जहां पर रहने आदि की व्यवस्था नहीं है व तुरन्त बचाव आवश्यक है। 

इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उप-पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) हेमन्त कुमार ठाकुर (हिमाचल पुलिस सेवा) के पर्यवेक्षण के अन्तर्गत मुख्य आरक्षी भारत भूषण पुलिस चौकी कोकसर के नेतृत्व में आरक्षी अविनाश, आरक्षी जितेन्द्र का पुलिस बचाव दल छतड़ू के लिए रवाना हुआ। सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों को सड़क बहाली हेतु आग्रह किया गया। 

पुलिस बचाव दल के मौका पर पहुंचने तक 100 से अधिक व्यक्तियों के छतड़ू से डोरनी के बीच में फंसे होने की सूचना प्राप्त हो चुकी थी। करीब 08 बजे रात्रि तक सड़क मार्ग बहाली हेतु 94 RCC GREF की मशीनें व प्रशासनिक बचाव दल भी मौके पर पहुंच गए थे। देर रात तक बचाव अभियान चला रहा। 

1 जुलाई को करीब 1:30 बजे रात तक चले इस बचाव अभियान में कुल 105 फंसे हुए लोगों जिनमें 39 महिलाएं व 12 बच्चे भी शामिल हैं। जिन्हें मौके से कोकसर तक बीआरओ के वाहनों की मदद से निकाला गया। इनमें से 80 व्यक्ति रात को ही अपने गन्तव्य हेतु मनाली की ओर निकल गए जबकि शेष को कोकसर व सिस्सु में ठहराया गया है। 

इसके अलावा 30 अन्य व्यक्ति अभी भी मौके में ही मौजूद हैं। जिनमें से अधिकांश वाहन चालक हैं। जिन्होंने अपने वाहन फंसे होने के चलते स्वेच्छापूर्वक सड़क मार्ग बहाली तक रुकना चाहा। इनके भोजन व रहने की अपनी व्यवस्था इनके पास गाड़ियों में उपलब्ध है। छतड़ू से डोरनी नाला के मध्य 23 वाहन (01 बस सहित) अभी फंसे हुए हैं, जो सड़क बहाली के उपरान्त ही निकाले जा सकेंगे। ग्राम्फू-काजा मार्ग अभी भी बाधित है व बहाली का कार्य जारी है।