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हिमाचल में कहर बरपा रही मुसलाधार बारिश, 12 मकान क्षतिग्रस्त

शिमला, 29 जुलाई : राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट के बीच शुक्रवार दिन भर मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। बारिश लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। बादलों के लगातार बरसने से प्रदेश की नदियां उफान पर है। जगह-जगह भूस्खलन से जान-माल को नुकसान हो रहा है।

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शिमला शहर में अधिकांश स्थानों पर भूस्खलन से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। उपनगर समरहिल में भूस्खलन से समरहिल-एमआई रोड संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गया और एक कार भूस्खलन की जद में आ गई। हालांकि इस घटना में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ। प्रदेश में भारी बारिश से 12 मकानों को नुकसान पहुंचा। वहीं 29 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बंद रही। मौसम विभाग ने लोगों व पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सफर करने से बचने और यात्रा के दौरान सतर्क रहने की हिदायत दी है।

बीते 24 घंटों के दौरान कसौेली में 80, धर्मशाला में 60, पालमपुर में 58, नालागढ़ में 54, संगड़ाह में 52, गग्गल में 46, बिजाई व पच्छाद में 41-41, नारकंडा व खदराला में 34-34, धर्मपुर में 33, जंजैहली में 30, डल्हौजी में 27, चंबा में 24, पांवटा साहिब व शिमला में 23-23, बैजनाथ में 22, धर्मपुर में 21, नगरोटा सूरियांग में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार भारी बारिश से 12 मकान और 10 पशुशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें चार कच्चे-पक्के मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि आठ कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा। कांगड़ा में चार, बिलासपुर व चंबा में तीन-तीन और सोलन व उना में एक-एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ। हमीरपुर में एक दुकान भी बारिश से जमींदोज हो गई। इसके अलावा बारिश से 29 सड़कें, 17 टांसफार्मर और चार पेयजल परियोजनाएं बाधित हुई हैं। कुल्लू जिला में सर्वाधिक 20 सड़कों पर आवाजाही ठप है। इसी तरह चंबा में तीन, मंडी में दो और बिलासपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति व सोलन में एक-एक सड़क बंद रही।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दो अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान मैदानी एवं मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।