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#Triplets!! CBSE 12वीं की परीक्षा में तीन सगी Sisters ने पाए पहले तीन स्थान, हटकर है खबर…   

शिमला, 28 जुलाई : क्या आपने सुना है, सीबीएसई (CBSE) की बोर्ड परीक्षा में तीन सगी बहनों ने ही पहले तीन स्थान हासिल किये हैं। शायद, ऐसा दुर्लभ ही होता होगा। हाल ही में सीबीएसई द्वारा बारहवीं कक्षा के नतीजे को जारी किया गया था। आप यकीन करेंगे परीक्षा में तीन सगी बहनों ने ही स्कूल में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान हासिल किया है।

जी हां, यह खबर हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा के पालमपुर उपमंडल से सामने आई है। सोशल मीडिया में ट्रिपलेट बहनों (Triplet Sisters) की खूब चर्चा हो रही है। बताते हैं कि दसवीं की परीक्षा में भी तीनों बहनों ने इसी तरह का कारनामा किया था, अब 12वीं की परीक्षा में भी इसे रिपीट करने में कामयाब हुई है। 

          खैर, परीक्षा में शैवी उनियाल ने 96% अंक हासिल कर पहला स्थान अर्जित किया। धानवी उनियाल ने 94.8% अंक प्राप्त किए ब्रह्मी उनियाल को 94% अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। तीनो ही बहनों ने 94 प्रतिशत का आंकड़ा पार किया है।   

  शैवी ने बायोलॉजी और फिजिकल एजुकेशन में 100% अंक लिए। धानवी ने फिजिकल एजुकेशन में 100% प्राप्त किए है। दरअसल ये तीनों बहने एक साथ जन्मी है, कुछ मिनटों का फर्क ही है। पालमपुर के डीएवी स्कूल में 12वीं तक की पढ़ाई पूरी कर ली है। तीनों बहनें जीवन में कुछ अलग करने की चाह पाले हुए हैं।

पालमपुर के सीएसआईआर इंस्टिट्यूट ऑफ़ हिमालयन (CSIR-Institute of Himalayan Bioresource Technology) में साइंटिस्ट के पद पर तैनात डॉ संजय उनियाल को अपनी तीनों बेटियों पर गर्व है। हालांकि परिवार उत्तराखंड का रहने वाला है, लेकिन अरसे से परिवार पालमपुर में ही रह रहा है। 

       मीडिया रिपोर्ट की मानें तो तीनों बहनों का जन्म कुछ मिनटों के अंतराल में हुआ है। शैवी चिकित्सक बनना चाहती है, जबकि धानवी यूपीएससी (UPSE) की परीक्षा क्रेक करने का सपना संजोए है। तीसरी बहन ब्रह्मी ग्राफिक डिजाइनिंग (graphic designing) में अपना कैरियर बनाना चाहती है।

उल्लेखनीय है कि 5 साल पहले भी कांगड़ा की तीन सगी बहनों ने भी पढ़ाई में शानदार प्रदर्शन किया था, इसमें से दो बहने तो एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई भी पूरी कर चुकी है। 

ये विधि का ही विधान है कि माता-पिता की गोद में एक साथ तीन बेटियों की किलकारी गूंजी। वो माता-पिता भी तारीफ के काबिल है, जिन्होंने एक साथ तीन बेटियों की परवरिश की है। लालन-पोषण व संस्कारो का ही असर है कि तीन बेटियां धीरे -धीरे मुकाम की तरफ बढ़ रही है।     

  तीनों बहनों का एक दूसरे के प्रति सहयोग की भावना, एक साथ मेहनत और परीक्षाओं के दौरान एक साथ बनाई गई रणनीति ही मूल मंत्र है।