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युवक की लाश के टुकड़ों को बोरी में फैंकने वालों के गिरेबान तक पहुंची खाकी, 48 घंटे में बेपर्दा

बिलासपुर, 23 जुलाई : हिमाचल के बिलासपुर जनपद में 19 साल के पाॅलटैक्नीक में अंतिम वर्ष के छात्र (Polytechnique Student of Bilaspur) अंकित के नृशंस हत्याकांड के गुनहगार सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। खाकी ने 48 घंटे के भीतर चर्चित हत्याकांड की मिस्ट्री (Murder Mystery) को बेपर्दा करने में कामयाबी हासिल की है।

ये भी खुलासा हो गया है कि 14 जुलाई से लापता अंकित की हत्या बंद कमरे में की गई थी। पुलिस ने घर की तलाशी के दौरान एक कमरे से दराट, कुल्हाड़ी, बड़ा चाकू व अन्य तेजधार हथियार भी बरामद किए हैं।

सनसनीखेज हत्याकांड में तीन पुरुषों के अलावा एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है। 66 साल के देवीराम भी गुनहगार हैं। इसके अलावा देवीराम के बेटे चमन लाल व हेमराज के अलावा हेमराज की पत्नी किरण की गिरफ्तारी हुई है।
कमरे में पुलिस को खून के निशान भी मिले हैं। खून के सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

बता दें कि पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की मिस्ट्री से पर्दा उठाने को लेकर एसआईटी की दो टीमों का गठन किया था। गौरतलब है कि 19 साल के अंकित को मौत के घाट उतारने के बाद उसकी लाश को कमर से बीचों बीच काटकर दो अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाया गया था। शातिरों ने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के मकसद से फुलप्रूफ प्लानिंग की थी, लेकिन खाकी भी दो कदम आगे निकली।

पुलिस ने उस कहावत को फिर चरितार्थ किया है, जिसमें कहा जाता है कि कोई भी क्राइम परफेक्ट नहीं हो सकता, बशर्ते खाकी की नजरें चौकस हों।

पत्रकारवार्ता में पुलिस अधीक्षक एसआर राणा (SP S.R Rana) ने खुलासा करते हुए कहा कि एक ही परिवार के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसआईटी की दो टीमों का गठन किया गया। इसमें से एएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में गठित टीम को सबूत जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने बताया कि घर के समीप ही अंकित का कत्ल किया गया।

उन्होंने आशंका जाहिर की कि इस वारदात में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दूसरी एसआईटी का जिम्मा घुमारवीं के डीएसपी को सौंपा गया था, जिनकी जिम्मेदारी मोबाइल, सीसीटीवी कैमरे से साक्ष्य जुटाने की है।

क्यों था ब्लाइंड मर्डर….
हत्याकांड की वारदात पूरी तरह से ब्लाइंड थी। पुलिस को मर्डर की सूचना 21 जुलाई की सुबह मिली, जबकि वारदात को एक सप्ताह पहले अंजाम दे दिया गया था। हत्यारों ने शव को भी इस तरीके से ठिकाने लगाया था कि पुलिस की जांच गुमराह हो जाए। दो बोरियों में लाश के टुकड़े मिले तो एक बोरी में जानवर के अवशेष। केस ब्लाइंड होने के बावजूद पुलिस ने हत्याकांड के रहस्य से पर्दा उठाने में सफलता हासिल कर ली है।

वजह…
हालांकि, पत्रकारवार्ता में पुलिस अधीक्षक एसआर राणा ने हत्याकांड की वजह को लेकर जानकारी नहीं दी है। उनका कहना था कि जांच जारी है। फिलहाल ये माना जा रहा है कि परिवारों के बीच आपसी रंजिश की भेंट अंकित चढ़ गया। दूसरी थ्यौरी में प्रेम प्रसंग को लेकर भी जांच की जा रही है। अंकित की जिस तरीके से नृशंस हत्या की गई है, उससे ये प्रतीत हो रहा है कि आरोपियों में नफरत कूट-कूट कर भरी हुई थी।