HPPR
| |

#Himachal: मेडिकल लीव की बजाय व्हील चेयर पर आ रहे दफ्तर, नायब तहसीलदार…   

हमीरपुर, 14 जुलाई : कहते है, जो शख्स ये सोच लेता है कि काम ही पूजा है, तो फिर जीवन में कितनी भी बाधाएं आ जाए,वो नहीं घबराता है। ऐसी मुश्किलों का सामना कर रहे  हैं, तहसील कार्यालय सुजानपुर में तैनात नायब तहसीलदार “रमेश चांदला”। बाइक दुर्घटना में एक टांग टूट गई। टांग टूटने के बाद टांग पर प्लास्टर चढ़ाया गया है। डॉक्टरों ने 2 माह के लिए बैड रैस्ट  लिखा है। बावजूद इसके अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर लोगों के काम कर रहा है।

तकलीफ के बावजूद हंसते चेहरे के साथ लोगों को कहते हैं कि उनके लिए काम ही पूजा है। टांग टूट गई तो क्या हुआ, काम नहीं रुकने चाहिए। बताते चलें कि नायब तहसीलदार रमेश चांदला कि करीब एक माह पहले बाइक दुर्घटना में एक टांग टूट गई थी। टांग टूटने के बावजूद राजस्व अधिकारी ने एक माह तक घर पर आराम किया,इसके बाद जब लगा कि अब वो ठीक होने लगे हैं और व्हील चेयर के सहारे कार्यालय तक पहुंच सकते हैं।

उन्होंने व्हील चेयर का सहारा लेकर तहसील कार्यालय पहुंचना शुरू कर दिया। वर्तमान में इन की टांग टूटी गई है, प्लास्टर चढ़ा है। बावजूद भी अधिकारी प्रतिदिन कार्यालय में पहुंचकर लोगों के काम कर रहा है। नायब तहसीलदार ने बताया बाइक दुर्घटना में एक टांग टूट गई, डॉक्टर ने निर्देश दिए थे कि 2 माह तक बैड रैस्ट है। उन्होंने निर्देशों की पालना करते हुए एक माह तक बैड रैस्ट किया, लेकिन स्थिति में सुधार होने पर सोचा कि बैड पर आराम ही करना है तो क्यों ना कार्यालय में जाकर सीट पर बैठ कर आराम किया जाए।

आराम के साथ काम भी हो सकता है। इसी बात को मन में लेकर वो प्रतिदिन व्हील चेयर के सहारे तहसील कार्यालय सुजानपुर में पहुंच रहे है। कुछ कर्मचारी व अधिकारी अक्सर कार्यालय से गायब रहते हैं, जनता ढूंढती रहती है, लेकिन वो कार्यालय में नहीं मिलते।

वहीं दूसरी तरफ इस तरह के अधिकारी हैं, जो मेडिकल लीव के बावजूद पहुंचकर लोगों के काम कर रहे हैं। बताते चलें कि नायब तहसीलदार की इस कार्यप्रणाली की हर तरफ चर्चा है। ऐसे अधिकारी कर्मचारियों के ऊपर एक तमाचा है, जो अक्सर कार्यालय से गायब रहते हैं।