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#Shimla : 8 साल से अधूरा पड़ा बलग स्कूल का नया भवन, खुले मैदान में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र 

शिमला, 14 जुलाई : बीते आठ सालों से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलग के नए भवन का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। जिसके चलते स्कूली बच्चों को तपती धूप में खुले मैदान में शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बता दें कि वर्ष 2014 के दौरान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस स्कूल भवन का निर्माण कार्य आरंभ किया गया था।

वर्ष 2017 को भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही स्कूल भवन का निर्माण कार्य अधर में लटक गया। जबकि स्कूल भवन के निर्माण कार्य के लिए विभाग के पास पर्याप्त धन उपलब्ध है। दरअसल निर्माणाधीन भवन की छत में लोहे के ऐंगल इत्यादि भी जंग लगने से खराब होने लग चुके है। दिवारों से चिनाई का सीमेंट भी उखड़ने लगा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बलग का स्कूल भवन राजनीतिक षड़यंत्र का शिकार हो चुका है। जिस कारण इसका निर्माण कार्य कछुआ चाल में चल रहा है। लोनिवि ठियोग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए है।

स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान वेद प्रकाश, सूरत राम पांडेय, सोहनलाल सहित अनेक लोगों ने बताया कि अनेकों बार सरकार व विभाग से गुहार लगाई है। परंतु इस बारे कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। स्कूल के प्रधानाचार्य डाॅ. संदीप शर्मा ने बताया कि स्कूल में कला, वाणिज्य और वोकेशनल कोर्स की दो स्ट्रीम होने से बच्चों के बैठने के लिए वर्तमान में उचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। पर्याप्त कक्षा रूम न होने से बच्चों को मजबूरन बरामदे अथवा खुले मैदान में बैठाना पड़ता है, जिससे अध्ययन कार्य प्रभावित हो रहा है।

इनका कहना है कि इस भवन के अधूरे कार्य के लिए शिक्षा विेभाग द्वारा करीब दो करोड़ की राशि लोनिवि को उपलब्ध करवा दी गई है। स्कूल प्रबंधन समिति, ऐतिहासिक बलग गांव की जनता और स्कूल प्रशासन ने सरकार से मांग की है कि इस स्कूल के अधूरे कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए।

अधिशाषी अभियंता लोनिवि ठियोग रवि भटटी ने बताया कि शिक्षा विभाग से पर्याप्त धनराशि उपलब्ध हो गई है तथा आगामी 31 अक्तूबर तक स्कूल भवन को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। बताया कि इस तीन मंजिला भवन में छः क्लास रूम, एक लैब, एक पुस्तकालय, एक परीक्षा हाॅल और एक प्रशासनिक भवन निर्मित किया जा रहा है जिस पर करीब अढाई करोड़ की राशि खर्च आएगी।