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हिमाचल को वित्तीय वर्ष 2021-22 में नाबार्ड से मिली 4 हजार करोड़ की वित्तीय मदद  

शिमला, 13 जुलाई : हिमाचल प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2021-22 में नाबार्ड ने लगभग 4 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की है, जिसके तहत प्रदेश में ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास कृषि कार्यों के लिए वित्त पोषण हेतु क्षेत्रीय ग्रामीण व सहकारी बैंकों को वित्तीय सहायता तथा सम्बद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को पुर्नवित सहायता शामिल है।

भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक आरएस अमर ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस मेले में जिला मण्डी, कांगड़ा, सिरमौर, चम्बा, बिलासपुर, हमीरपुर, किन्नौर, सोलन, ऊना, शिमला, लाहौल-स्पीति व कुल्लू के 35 स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और कृषक उत्पादन संगठनों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी व बिक्री आयोजित की गई।

शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में नाबार्ड के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय नाबार्ड राज्य स्तरीय मेले 2022 के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक और नाबार्ड ने विगत कई वर्षों से संयुक्त रूप से जुड़कर अनेक कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। नाबार्ड 41 वर्षों में सुपरिभाषित राष्ट्रीय पद चिन्ह के साथ बहुआयामी विकासात्मक वित्तीय संस्थान के रूप में विकसित हुआ है।

मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डाॅ. सुधांशु के.के. मिश्रा ने बताया कि नाबार्ड द्वारा प्रायोजित मेलों का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों, बुकरो, कारीगरों और किसान उत्पादक संगठनों को प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी कलाकृतियों और अपने उत्पाद बेचने के लिए एक मंच देना है। हमारे देश में बहुत से कलाकार है जो अपने कामों को प्रदर्शित करने के लिए संघर्ष करते हैं, और नाबार्ड उन्हें वह अवसर प्रदान करने की कोशिश करता है। इस दिशा में हिमाचल प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय पिछले कई वर्षों से मेलों का आयोजन करता आ रहा है।