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#HP : डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज को मिलेगी इको कार्डियोग्राफी मशीन व 6 ICU बैड 

हमीरपुर, 06 जुलाई : डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को सामाजिक उत्तरदायित्व नीति के तहत इको कार्डियोग्राफी मशीन व 6 आईसीयू बैड की आर्थिक सहायता के लिए एमओयू साइन किया। 

इस मौके पर मेडिकल कॉलेज की ओर से प्रधानाचार्य डॉ. सुमन यादव और पावर ग्रिड की ओर से वरिष्ठ महाप्रबंधक पावरग्रिड देव कुमार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। पावर ग्रिड ने इस कार्य के लिए 21.3 लाख रुपए आवंटित किए है। जिसके तहत मेडिकल कॉलेज को इको कार्डियोग्राफी मशीन व 6 आईसीयू बेड दिए जाने है।

इस अवसर पर पावर ग्रिड के अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. सुमन यादव ने कहा कि इको कार्डियोग्राफी मशीन के लग जाने से हृदय रोगियों के उपचार में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की मशीन प्रदेश के बहुत कम संस्थानों में है। इस मशीन से रोगी के हृदय संबंधी बीमारी की सारी जानकारी मिल सकेगी।  इसके अतिरिक्त पावर ग्रिड द्वारा 6 आईसीयू बैड दिए जाने से इमरजेंसी सेवाओं में काफी मदद मिलेगी। वरिष्ठ महाप्रबंधक पावर ग्रिड देव कुमार ने बताया कि पावर ग्रिड ने इस कार्य के लिए 21.3 लाख आबंटित किए है।

उन्होंने बताया कि इससे पहले पावर ग्रिड द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व नीति के तहत 1.31 करोड़ के वित्तीय व्यय से एसडीएम मनाली को एक विशेष वाहन माउंटेड वैक्यूम असिस्टेंट रोड स्वीपर एवं दो सीवर सफाई जेटिंग वाहन मशीन भी सौंपी गई हैं। इसके अतिरिक्त 11.49 करोड़ रुपए की लागत से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 3250 सौर एलईडी स्ट्रीट लाइटों की स्थापना और 13000 टीनबिन डस्टबिन आपूर्ति भी की गई थी। इसके अतिरिक्त पावर ग्रिड ने विवेकानंद मेडिकल कॉलेज पालमपुर में 1.5 टेसला की एमआरआई मशीन की आर्थिक सहायता के लिए भी एमओयू साइन किया है।

उन्होंने कहा कि पावरविट द्वारा लाहौल एवं स्पीति में 32 लाख रुपये के वित्तीय व्यय से पर्वतारोहण और संबद्ध क्षेत्र में कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए युवाओं के कौशल विकास संबंधी कार्यक्रम का संचालन भी किया गया है। कंपनी की सीएसआर पहल के तहत 1.06 करोड़ रुपए के वित्तीय व्यय से बिलासपुर जिला प्राधिकरण को चार मोबाइल चिकित्सा इकाइयों और आईजीएमसी शिमला एवं जिला अस्पताल चंबा को एक-एक एंबुलेंस प्रदान की गई है। 

उन्होंने बताया कि विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तहत एक महारत्न सार्वजनिक उद्यम है। हिमाचल प्रदेश में पावर की भौतिक परिसम्पत्ति में 1590 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन तथा चम्बा, हमीरपुर, बनाला और नालागढ़ में 400/220 के वी. के 04 सब-स्टेशन और 3130 एमवीए से अधिक की ट्रांसफारमेशन क्षमता सम्मिलित है। इनमें से चम्बा, हमीरपुर और बनाला अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन (जीआईएस) है। इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक संजीव कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ रमेश चौहान, डॉ सुभाष चौहान, डॉ जितेन्द्र संधु, डॉ विवेक ठाकुर पावरग्रिड की ओर से मुख्य प्रबंधक रवि चौधरी और प्रियंका जैन उपस्थित रहे।