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मंडी के जसप्रीत पाल ने देश भर के साइकिलिस्टों को पछाड़ हासिल किया मुकाम

मंडी, 30 जून:  हिमाचल प्रदेश में पहली बार आयोजित की गई एमटीबी की हार्ड ट्रैक साइकिल रेस (MTB’s Hard Track Cycle Race) में मंडी के जसप्रीत पाल (Jaspreet Pal) ने फर्स्ट रनर अप का खिताब जीत कर मंडी जिला का नाम रोशन किया है।

जसप्रीत ने एमटीबी चैंपियनशिप (MTB Championship) में पहली बार भाग लिया और मेडल व ट्राफी प्राप्त की। देश भर के प्रतिभागियों में तीसरा स्थान हासिल करने पर बुधवार को जसप्रीत ने जिला उपायुक्त मंडी से मुलाकात की और उनके सहयोग के लिए आभार भी जताया। 

इस मौके पर डीसी मंडी अरिंदम चौधरी (DC Mandi Arindam Choudhary) ने जसप्रीत को उनकी सफलता के लिए बधाई दी। जसप्रीत पाल ने बताया कि एमटीबी चैंपियनशिप की रेस चार दिनों की रही जो कि शिमला से रवाना हुई और मंडी जिला के जंजैहली में आकर संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि यह करीब 180 किलोमीटर की टफ साइकिल रेस (Tough cycle race of 180 kms) थी, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत रास्ते जंगलों और पहाड़ों में ऑफ रोड होकर गुजरे। 

उन्होंने बताया कि यह रेस इतनी कठिन थी कि देश भर के लगभग 71 प्रतिभागियों में से मात्र 43 ही इसे पूरा कर पाए। उन्होंने बताया कि उन्हें पहली बार इस प्रकार की प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिला और मंडी के लिए वे देश भर में तीसरा स्थान हासिल करने में कामयाब हुए हैं। रेस शिमला से 23 जून को शुरू हुई जोकि मंडी के जंजैहली में 26 जून को संपन्न हुई। रेस का रूट शिमला, मशोबरा, बसंतपुर, सुन्नी, चुराग, करसोग, रायगढ़ होते हुए जंजैहली तक रहा।

वहीं जसप्रीत पाल ने बताया कि जिस दिन इस रेस को हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया उस दिन उन्होंने पर्यटन विभाग द्वारा शिमला में एमटीबी रेस के लिए नए रूट बनाने की बात कही थी। जबकि आने वाले समय में युवाओं के लिए एक बेहतर रोजगार और फिट रहने में सहयोगी साबित हो सकते हैं। 

उन्होंने जिला प्रशासन मंडी से यहां पर भी साइकिलिंग के लिए नए रूट बनाने का आग्रह किया है। ताकि युवा इस प्रकार की चैंपियनशिप की तैयारी कर सकें और देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने बताया कि इस पूरी कठिन यात्रा के दौरान प्रशासन का हर सहयोग प्रतिभागियों को मिला। 

बता दें कि केंद्र सरकार के युवाओं को खेलों व साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। उसी के तहत हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और यहां के स्थानीय लोगों को घर द्वार पर रोजगार देने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।