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हिमाचल में 10वीं की परीक्षा में बेटियों का शानदार डंका, 77 में से 66 निजी स्कूलों को स्थान

धर्मशाला, 29 जून: 12वीं की तरह बेटियों ने 10वीं कक्षा की परीक्षा में भी शानदार डंका बजाया है। टाॅप-10 में 77 विद्यार्थियों ने जगह बनाई है। इसमें से 67 स्थानों पर बेटियों का कब्जा हुआ है। बेटे मात्र 10 स्थानों पर सिमट गए। मैरिट (Merit) सूची में मंडी के सरस्वती विद्या मंदिर तत्तापानी की प्रियंका ने 99 प्रतिशत अंक हासिल कर पहला स्थान अर्जित किया है।

मंडी के एंग्लो संस्कृत माॅडल स्कूल की देवांगी शर्मा ने भी संयुक्त तौर पर प्रथम स्थान अर्जित किया है। बिलासपुर के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल हटवाड़ के आदित्य सांख्यान ने 98.86 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मैरिट में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मंडी के सरस्वती विद्या मंदिर हाई स्कूल गोपालपुर के अंशुल ठाकुर व उना के एमएनएल पब्लिक स्कूल जलग्रां की सिया ठाकुर ने 98.71 प्रतिशत अंक हासिल कर तीसरा स्थान अर्जित किया।

अहम बात ये है कि दसवीं कक्षा की मैरिट सूची में सरकारी विद्यालय भी बुरी तरह से पिछड़े हैं। सरकारी स्कूलों के मात्र 11 छात्रों को ही मैरिट सूची में स्थान मिल पाया है, जबकि निजी विद्यालयों के 66 छात्रों ने मैरिट में जगह बनाई है। खास बात ये है कि पिछले पांच सालों में इस वर्ष परीक्षा परिणाम सबसे अधिक रहा है। 87.5 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।

2019-20 में परीक्षा परिणाम 68.11 प्रतिशत रहा था। 2018-19 में ये प्रतिशतता 60.79 थी। 2017-18 में 63.39 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे। 2020-21 के सत्र में वैश्विक महामारी के कारण योग्य छात्रों को प्रमोट किया गया था। हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि 10वीं की परीक्षा में 90,375 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। इसमें से 78,573 उत्तीर्ण हुए हैं। 1409 को कंपार्टमेंट दी गई है।

उन्होंने कहा कि पुनर्मूल्यांकन व पुनर्निरीक्षण के लिए 14 जुलाई तक आवेदन किए जा सकते हैं। पुनर्मूल्यांकन हेतु आवेदन करने के लिए संबंधित विषय में 20 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। अध्यक्ष के मुताबिक एसओएस की परीक्षा का परिणाम बाद में घोषित किया जाएगा।