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भारी फीस पर तीसरे चरण के आंदोलन की तैयारी, 8 जिलों के 96 निजी स्कूलों ने नहीं मानें आदेश

एमबीएम न्यूज़/शिमला
निजी स्कूलों की मनमानी, लूट व भारी फीसों के खिलाफ छात्र अभिभावक मंच के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने तीसरे चरण के आंदोलन के तहत उच्चतर शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा व संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ सोनिया ठाकुर से मुलाकात की व उन्हें ज्ञापन सौंपा। शिक्षा अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि निजी स्कूलों की भारी फीसें इसी सत्र में कम होंगी व किसी भी निजी स्कूल को मनमानी नहीं करने दी जाएगी।

संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ सोनिया ठाकुर से मुलाकात करते अभिभावक

प्रतिनिधिमंडल में विजेंद्र मेहरा, बलबीर पराशर,सोनिया सबरवाल, कलावती, हिमी देवी, वंदना, विवेक कश्यप, राजीव, बालक राम,पवन शर्मा,राकेश, अनिल पंवर, रमन, आकाश आदि मौजूद रहे। मंच ने चेताया है कि अगर भारी फीसों में कटौती नहीं की गई तो आंदोलन तेज होगा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि मंच के आंदोलन के फलस्वरूप 18 मार्च व 8 अप्रैल 2019 को उच्चतर शिक्षा निदेशक ने भारी फीसों पर अंकुश लगाने के लिए दो अधिसूचनाएं जारी की थीं। इसके बाद शिक्षा अधिकारियों ने पूरे प्रदेश में निजी स्कूलों की 8 से 22 अप्रैल तक इंस्पेक्शन की।

इन इंस्पेक्शनों के फलस्वरूप 4 मई 2019 को शिमला, सोलन, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर,कांगड़ा व सिरमौर जिला के 96 निजी स्कूलों को पत्र लिख कर फीसें कम करने व इसकी अनुपालना 7 दिन के अंदर करने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन इस सबके बावजूद इन आदेशों व अधिसूचनाओं पर निजी स्कूलों द्वारा एक प्रतिशत भी कार्य नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा है कि लगभग दो महीने बीतने के बावजूद भी निजी स्कूलों के खिलाफ ज़मीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर निजी स्कूलों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। इसी कारण शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी ही अधिसूचनाओं को लागू करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने उच्चतर शिक्षा निदेशक को चेताया है कि अगर फीसें कम नहीं हुईं तो शिक्षा निदेशालय के प्रांगण को आंदोलन का केंद्र बना देंगे।

उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर निजी स्कूलों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। इसी कारण शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी ही अधिसूचनाओं को लागू करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

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