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पढि़ए, कुल्लू निजी बस हादसे के बाद कैसे होश में आई जयराम सरकार….

एमबीएम न्यूज/शिमला
कुल्लू निजी बस हादसे में 45 अनमोल जीवन चले गए। करीब आधा दर्जन जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। साथ ही दो दर्जन घायल दर्द से अब भी कराह रहे हैं। पिछले 24 घंटे में दो हादसों में चार लोगों ने फिर जीवन से सड़क हादसों में हाथ धो लिया। बहरहाल कुल्लू निजी बस हादसे से सबक लेकर जयराम सरकार हरकत में आई है। यह अलग बात है कि यह गंभीरता आने वाले वक्त में भी बनी रहेगी या नहीं, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता।

सरकार ने फैसला लिया है कि सड़कों का निर्माण सुरक्षा ऑडिटर की स्वीकृति के बाद होगा। ब्लैक स्पॉटस पहचानने की पुरानी प्रक्रिया बदली जाएगी। तेज रफ्तार, लापरवाही एवं शराब के नशे में वाहन चलाने व मोबाइल का प्रयोग करने को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलेगा। दोषी चालकों के विरुद्ध शिकायतें दर्ज करवाने वालों को उत्साहित किया जाएगा। सरकार ने यह माना है कि 93 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं मानव भूल के कारण होती हैं। लिहाजा, ड्राईविंग टैस्ट को अधिक सख्त बनाया जाएगा।

सरकार ने यात्रियों को चालक के संबंध में जानकारी देने तथा उन्हें चालक के प्रशिक्षित होने के संबंध में जानकारी देने के मकसद से परिवहन वाहनों व टैक्सियों पर चालक के नाम व फोटो को प्रदर्शित करने का भी फैसला लिया है। वाहनों की स्थिति के आंकलन के लिए ऑटोमैटिक जांच की तकनीक अपनाई जाएगी। बाहरी वाहनों के चालकों को सही टैस्ट के आधार पर लाईसेंस दिए जाएंगे।

दरअसल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई थी। इसी में तमाम निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी परिवहन वाहन में ओवरलोडिंग न हो। उल्लंघन करने वालों के प्रति सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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